Monday, May 18, 2020

दहियल(दहियर)- बांग्लादेश का राष्ट्रीय पक्षी


दहियल(Oriental magpie-robin) फ्लाई कैचर समूह का सदस्य है जिस का वैज्ञानिक नाम Copsychus saularis  है. इसे दहियर, डोयल और काली सुई चिड़िया आदि नामों से भी जाना जाता है . सामान्यतः यह पक्षी खेतों और बगीचों में मनुष्य के साथ रहता है इसका आकार 18- 20 सेंटीमीटर और वजन लगभग 36 ग्राम होता है.
            

दहियल को बांग्लादेश के राष्ट्रीय पक्षी होने का गौरव प्राप्त है यहां तक कि इसका चित्र वहां के कुछ करेंसी नोटों पर भी छपा हुआ मिलता है और बहुत सारे प्रतिष्ठान और लैंड मार्क इसी नाम से मिलते हैं.

यह अपना भोजन जमीन पर कीड़े पकड़कर करता है इसके अलावा  छोटी छिपकली,केंचुए इत्यादि को अपना आहार बनाते हैं .कभी-कभी यह फूलों का मकरंद(nectar) भी निकालते हैं.
                    
प्रजनन काल जनवरी से जुलाई (भारत में मार्च से जुलाई )तक होता है . यह  अपना घोंसला ऊंची झाड़ियों में , पेड़ों पर, पेड़ों की कोटर में , दीवारों में पाए जाने वाले  खाली स्थानों में बनाते हैं . मादा सामान्यतः चार -पांच अंडे देती है. अंडों की देखभाल नर और मादा बारी-बारी से करते हैं . एक बार अंडों से बच्चे निकलने के बाद मादा बच्चों को खिलाने का काम  करती हैं और  नर  घोंसले की रखवाली करता है.
दहियर  अपने विशिष्ट प्रकार के नृत्य के लिए जाना जाता है साथ-साथ इसका गीत लोग बहुत पसंद करते हैं.


  (स्रोत - सभी फोटो और वीडियो घर के  पास बगीचे और खेत के हैं और स्वयं खींचे  गए हैं )            
 

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